आइये आपका स्वागत है

Tuesday, 6 May 2014

हाइकु-- मासूम चंचल बेटियाँ

कुछ हाइकु मासूम चंचल बेटियों के लिए ...

*******************************

सुन नादान
ईश्वर वरदान
बेटी संतान

     **

छू लें आसमाँ
करें नाम रौशन
दें, जो हौसला

      **

एक ही चाह
नापे धरा गगन
बेटी शगुन

      **

नाजों से पली
चढ़ी दहेज बलि
मासूम कलि

      **

नाजुक कंधें
ढ़ेर जिम्मेदारियाँ
ढ़ोती बेटियाँ

***********************************

प्रवीन मलिक
***********

6 comments:

  1. बेटी तो शगुन होती ही है ... वो शान होती है घर की ...
    भावपूर्ण हाइकू हैं सभी ...

    ReplyDelete
  2. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन सीट ब्लेट पहनो और दुआ ले लो - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

    ReplyDelete
    Replies
    1. सादर आभार मेरी रचना को बुलेटिन में शामिल करने के लिए ..

      Delete
  3. बेटियाँ ही आँगन की चहक हैं !

    ReplyDelete
  4. सुंदर मनभावन हाइकु !!

    ReplyDelete

पधारने के लिए धन्यवाद