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Friday, 12 September 2014

आखिर क्या है कविता ???

मुझे नहीं पता
आखिर क्या है कविता  !

शायद प्रकृति का
अवर्णनीय सौंदर्य है कविता  ! 

शायद किसी प्रेमिका के
अप्रतिम रूप का बखान है कविता ! 

शायद  निश्चल प्रेम की
विस्तृत परिभाषा है कविता  ! 

शायद दर्दे-दिल का
उमड़ता हुआ सैलाब है कविता ! 

या फिर शायद कवि की
कोरी कल्पनाओं का प्रतिबिम्ब है कविता ! 

जो भी हो इसकी परिभाषा
मेरे लिए तो दिल का सुकून है बस कविता !! 

(प्रवीन मलिक)

9 comments:

  1. सुन्दर भाव

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  2. सुंदर प्रस्तुति...
    दिनांक 15/09/2014 की नयी पुरानी हलचल पर आप की रचना भी लिंक की गयी है...
    हलचल में आप भी सादर आमंत्रित है...
    हलचल में शामिल की गयी सभी रचनाओं पर अपनी प्रतिकृयाएं दें...
    सादर...
    कुलदीप ठाकुर

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  3. कितना कुछ है कविता .... या फिर सब कुछ

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  4. सुंदर प्रस्तुति...
    दिनांक 15/09/2014 की नयी पुरानी हलचल पर आप की रचना भी लिंक की गयी है...
    हलचल में आप भी सादर आमंत्रित है...
    हलचल में शामिल की गयी सभी रचनाओं पर अपनी प्रतिकृयाएं दें...
    सादर...
    कुलदीप ठाकुर

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  5. bahut badhiya ,bhavnaon ki abhivyakti hai kavita !

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  6. एक बच्चे की पहली पुकार है कविता

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  7. जहाँ न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवी
    सब कुछ है कविता ...कविता की सीमाएं कौन तय कर सकता है भला ?

    सुंदर रचना :)

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  8. मेरे लिए तो दिल का सुकून है बस 'कविता'

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  9. Bahut kuch hai kavita... Ek kavi ka sab kuch hai kavita.... Sunder abhivyakti !!

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पधारने के लिए धन्यवाद